Uttar Pradesh

ग्रहण स्नान के लिए गंगा तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब,दान पुण्य

ग्रहण स्नान के लिए गंगा तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब,दान पुण्य
वाराणसी,17 जुलाई (हि.स.)। खंडग्रास चंद्रग्रहण के बाद बुधवार तड़के मोक्ष स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला गंगा तट पर उमड़ पड़ा।
श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगा घाट पर दान पुण्य कर काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी हाजिरी लगाई। यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। गंगा स्नान के लिए प्राचीन दशाश्वमेधघाट,शीतलाघाट,राजेन्द्र प्रसाद घाट,पंचगंगा घाट,भैसासुर घाट,तुलसीघाट,अहिल्याबाई घाट, अस्सीघाट पर गंगा स्नान के लिए सर्वाधिक भीड़ जुटी रही। वहीं हजारों श्रद्धालु चन्द्र ग्रहण के पूर्व ही सूतक काल में ही गंगा तट पर पहुंच गये। श्रद्धालु नर-नारियों ने पूरी रात गंगा तट पर भजन कीर्तन कर गुजारी। इसके बाद चंद्रग्रहण के मोक्षकाल में भोर 4.30 पवित्र गंगा में डुबकी लगा घाट पर दान पुण्य कर मंदिरों में दर्शन पूजन किया। इसके बाद दिन चढ़ने पर घर लौटे।
श्रद्धालुओं के भजन कीर्तन और आने-जाने से गंगा तट पूरी रात गुलजार रहा। वहीं चन्द्र ग्रहण के सूतक काल में बंद देवालयों का पट भी तड़के श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए खुल गया। मंदिर खुलते ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। चन्द्र ग्रहण के बाद गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली लाखों की भीड़ देख जिला प्रशासन ने गंगा तट पर बैरिकेडिंग के अलावा सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया था। घाट पर जल पुलिस के साथ एनडीआरएफ के जवान भी गश्त करते नजर आये।
 गौरतलब है कि मंगलवार देर रात 1.30 बजे चन्द्र ग्रहण शुरु होने से नौ घंटे पहले शाम 4.50 से ही सूतक काल शुरु हो गया था। इसके चलते शाम को होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती अपरान्ह तीन से चार बजे के बीच की गई। सूतक काल के प्रारम्भ होने से पहले ही नगर के प्रमुख मंदिरों के कपाट दर्शन पूजन के लिए बंद कर दिये गए थे।

 

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