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भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की पिटाई मामले में चौकी इंचार्ज सहित पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की पिटाई मामले में चौकी इंचार्ज सहित पांच पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
बांदा, 17 मार्च । भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रामकेश निषाद के पुत्र के थप्पड़ मामले को लेकर कल दिन भर हुए हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद अंततः चैकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। तब कहीं जाकर मामला शांत हो पाया।
इस मामले में जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी नगर आलोक मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि सिविल लाइन चैकी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें भाजपाध्यक्ष के पुत्र जयप्रकाश को थप्पड़ मारने में शामिल सिविल लाइन चौकी के दो सिपाही लाइन हाजिर किए गए हैं, जबकि कोतवाली परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाने के मामले में दो सिपाही लाइन हाजिर हुए है। उनसे जब पूछा गया कि क्या सड़क जाम कर हंगामा करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पुलिस द्वारा कोई मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पर उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई की गई।
बतातें चलें कि, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद का बेटा जयप्रकाश (19) अपने साथी के साथ जिला अस्पताल से दवाई लेकर वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान सिविल लाइन चौकी के पास राहुल को गाड़ी के कागज दिखाने के लिए सिपाहियों ने रुकने का इशारा किया। बताते हैं कि भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे से बाइक को रोकने में थोड़ी देरी हो गई और बाइक कुछ आगे जाकर रुकी। इससे नाराज सिपाहियों ने पहले कागज और हेलमेट दिखाने को कहा। युवक ने उनको खुद के बीमार होने के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष का बेटा होने की जानकारी देते हुए छोड़ने को कहा।
सोमवार सुबह 11 बजे से शाम तक चला मामला
बताते हैं कि, इस पर सिपाहियों ने नाराजगी दिखाते हुए उसकी पिटाई कर दी। युवक ने अपने पिता भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य परिजनों को इसकी जानकारी दी। भाजपा नेता इकट्ठा हुए और सिविल लाइन चैकी घेर ली। सड़क जाम करते हुए नारेबाजी भी की। चौकी पर कोतवाली प्रभारी दिनेश सिंह ने पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बात नहीं बनी। भाजपा नेताओं की मांग थी कि सिपाहियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। बाद में मामला कोतवाली आ गया।
वहां भाजपा जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने एडीएम और सीओ सिटी आलोक मिश्रा के साथ कोतवाली में बैठकर मामले को सुलझाने लगे। तभी कुछ वरिष्ठ भाजपाई कोतवाली के अंदर ही धरने पर बैठ गए। भाजपा युवा मोर्चा के लोग भी कोतवाली के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस बीच कोतवाली के भीतर बैठे भाजपाइयों पर सिपाहियों ने लाठी चलाना शुरू कर दिया। भाजपा नेता इधर-उधर हटे। भाजपाई भी नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताने लगे। तब तक अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने कोतवाली पहुंच कर मामला शांत कराया।
बताते हैं कि, जिस समय सिपाहियों ने लाठियां चलाईं उस वक्त भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद अन्य पदाधिकारियों के साथ कोतवाली में ही मौजूद थे और अधिकारियों से घटना को लेकर बातचीत कर रहे थे। बाद में किसी तरह स्थिति को संभाला गया। लाठी चलाने वाले दो सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया गया। इस तरह मामले में कुल चार सिपाहियों को निलंबित किया गया है। घटना को लेकर पूरे दिन जिले में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सीओ सिटी आलोक मिश्रा और कोतवाली प्रभारी दिनेश सिंह ने काफी सूझबूझ से काम लिया।
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