Uttar Pradesh

योगी सरकार ने बढ़ाया वृद्धावस्था पेंशन, कैबिनेट ने भी दी मंजूरी

लखनऊ, 11 जून (हि.स.)।  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ा दिया है। सरकार के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने भी मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। अब प्रदेश के बीएड योग्यताधारी भी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इसमें बुजुर्गों को बड़ी सौगात देते हुए योगी कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन को 400 रुपये से बढ़कर 500 रुपये कर दिया।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 40 लाख बुजुर्गों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में 60 वर्ष से 79 वर्ष की आयु वाले वृद्ध 400 रुपये जबकि इससे अधिक उम्र वाले 500 रुपये पेंशन पा रहे हैं। फैसले के अनुसार पहली जनवरी से बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी।
बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि योगी कैबिनेट ने दूसरे फैसले में प्रदेश के बीएड उपाधि धारकों के लिए भी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक होने का रास्ता साफ कर दिया। पहले केवल बीटीसी योग्यता वालों को ही प्राइमरी विद्यालयों में अध्यापक बनाया जाता था। अब सहायक अध्यापक की भर्ती के लिए बीटीसी के साथ बीएड योग्यताधारी भी मान्य होंगे। इसे नियमवाली के परिशिष्ट में शामिल कर दिया गया है।
कैबिनेट के अगले प्रस्ताव में पारित हुआ कि प्रदेश के होटल, रेस्टोरेन्ट और पब अब खुद की ताजी बीयर बना सकेंगे। इसके लिये रोजाना 600 लीटर बीयर बनाई जा सकती है। नियम का उल्लंघन करने पर अब ढाई लाख जुर्माना पड़ेगा। महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि रायबरेली में एम्स के निर्माण चल रहा है। यह निर्माण कार्य वर्ष  2020 में पूरा होना है। एम्स के लिए मिली जमीन में पुराने जर्जर मकान हैं। कैबिनेट ने आज की बैठक में 76 आवासों को ध्वस्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा एम्स की तर्ज पर पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों की उम्र 35 से बढ़ाकर 37 करने का भी फैसला लिया गया है।
Print Friendly, PDF & Email
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close